Monthly Archives: October 2011

Incomplete Without You – True Love

कभी तुमने उस बच्चे की कहानी सुनी है जो अपने संगीत में इतना खोया रहता था की उसकी माँ भी उसके पास नहीं जाती थी. वो खुद भी विध्न नहीं डालती थी और किसी और को भी उसके कमरे में नहीं जाने देती थी. बस वो जब भी उसके पास जाती थी यही कहती थी “बेटा तुमसे अच्छा ना कोई है ना कोई होगा”…”बेटा .. तुम बहुत अच्छे संगीतकार हो”…”बेटा और म्हणत करो”…”बेटा मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ”..”बेटा मैं तुम्हारे साथ हूँ”. वो जानती है की उसका बेटा उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा है … लेकिन फिर भी वो उसके हुनर में विशवास रखती है और बिना किसी कारण के उसका उत्साह बढाती है. और जब संगीत की प्रक्टिस ख़तम हो जाती है, तो बच्चा भागता हुआ अपनी माँ की पास आ जाता है और कहता है “माँ .. तुम दुनिया की सबसे अच्छी माँ हो”…”माँ..मैं भी आपको बहुत बहुत प्यार करता हूँ “. कोई भी माँ अपने बच्चे को यह नहीं कहती की “बेटा मैं तुमसे बात करना चाहती हूँ..क्या तुम अपना संगीत थोड़ी देर के लिए रोक दोगे “… या वो कभी यह नहीं कहती “बेटा मैं जा रही हूँ”… या “बेटा मैं अबसे तुम्हारे संगीत में विध्न नहीं डालूंगी “… वो कभी भी अपने बच्चे से कुछ भी एक्स्पेक्ट नहीं करती है क्योंकि वो उससे शर्तरहित प्यार करती है .अगर हम किसी से भी शर्तहीन प्यार करते हैं तो वो एक दिन हमारे प्यार को जरूर समझेगा. यह शर्त रहित प्यार माँ और बेटे में, पिता और पुत्र में, दोस्तों में, गुरु शिष्य में, डॉक्टर मरीज में, बॉस और सुबोर्दिनाते में, भाई भाई में,पति पत्नी में और गलफ्रेंड बॉय फ्रेंड में हो सकता है.अगर हमारे प्यार में कोई शर्त नहीं है तो हम बिना कहे ही सब कुछ कह देते हैं आर पूर्ण हो जाते हैं.

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मिट जाए दिल-ओ-दिमाग से ,बना वो निशान नहीं है
जख्मों के डर से मोह्हबत नहीं करता, वो इंसान नहीं है

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There is something

हम चीज़ों को बनाते हैं और फिर उनको एक नाम दे देते हैं. लेकिन किसी भी वस्तु के बारे में ये कहना की ये पूर्ण है, गलत सा प्रतीत होता है. क्योंकि पूर्णता की परिभाषा हमारी समझ से बाहर है. लेकिन कुछ है जो पूर्ण है और हमारी समझ से बाहर है. कुछ है जो हमेशा रहता है और हमारी आवाज, मन और तन को प्रेरणा देता रहता है. लेकिन कई बार हम उसके द्वारा दी गयी प्रेरणा और संकेतों को नकार देते है और अपनी सेवा में लग जाते हैं. कोई है जो इस हवा के रूप में हमारी सेवा में लगा हुआ है. कोई है जो सूर्य की किरणों के रूप में हमे पाल रहा है. कोई है जो इन् वृक्षों के रूप में हर पल हमे शान्ति प्रदान कर रहा है. कोई है जो हमारी इस बनावट का कारण है. कोई है जो इन् दृश्यों से परे है. कोई है जो प्रकट और ज़ाहिर नहीं हो पा रहा है, लेकिन हमारे आसपास है. वो जो भी है लेकिन इतना तो पता चलता है की वो सबसे शक्तिमान है, सबसे ज्यादा ज्ञानी, सबसे बड़ा और विशाल है, सबसे पुराना है, सबसे ज्यादा प्रसन्न है, सबसे बड़ा रक्षक है, और पूरे ब्रह्माण्ड का संचालक है

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