Category Archives: Green Initiatives

कार्बन फूट प्रिंट कम हुआ है , ग्रीन हुई है दिल्ली सारी

Print Friendly

इंजन को आराम मिला अब, तेल फूकना बंद हो गया – शीतल जल अब घर घर पहुंचा , नदी सूकना बंद हो गया राम नाम के आने से , आज बुराई फिर है हारी – कार्बन फूट प्रिंट कम हुआ … Continue reading

Posted in Green Initiatives, Green Thinking, Poetry, Poets of Delhi | Tagged , | Leave a comment

मुघ्को आज बुलाया है

Print Friendly

मृत्युलोक की रात्री में , मन का ये संघर्ष है कैसा – पल पल मेरा कठिन हो रहा , जीवन का ये वर्ष है कैसा मेरा हाथ पकड़ के तुमने, रस्ता मुघे दिखाया है – ग्रीन टेक की हरी सतह … Continue reading

Posted in Green Initiatives, Green Thinking, Poetry, Poets of Delhi | Tagged | Leave a comment

बारिश की इन बूंदों को , बाँट रहा हो गिनकर जैसे

Print Friendly

मौसम का अंदाज है बदला, गर्म हवा को छोड़ के पीछे – टिप टिप पानी उस पर बरसा, पीपल है जो मोड़ के पीछे देखो काली घटा के पीछे, चमक रहा है दिनकर ऐसे – बारिश की इन बूंदों को … Continue reading

Posted in Green Initiatives, Green Thinking, Poetry, Poets of Delhi | Tagged , | Leave a comment